दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गढ़ी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां रविवार शाम से लापता चल रहे 27 वर्षीय एक युवक का शव सोमवार सुबह गांव में स्थित माता मंदिर के पीछे झाड़ियों के बीच से बरामद किया गया है।

शव मिलने से इलाके में फैली सनसनी

मृतक की पहचान ग्राम गढ़ी निवासी मानसिंह रावत (27) पुत्र मैथिली रावत के रूप में की गई है। मानसिंह खेतीबाड़ी का काम करता था और वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। परिजनों के अनुसार, वह रविवार शाम को घर से बाहर गया था, जिसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था और वह पूरी रात घर नहीं लौटा।

सोमवार की सुबह करीब आठ बजे जब मृतक का भाई दीपक रावत तलाश करते हुए माता मंदिर के पीछे पहुंचा, तो उसने मानसिंह के शव को झाड़ियों में पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी।

हाथ-पैर बंधे थे और शरीर पर थे चोट के निशान

मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि मृतक के हाथ और पैर बंधे हुए थे तथा उसके शरीर पर मारपीट के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि हत्या से पहले युवक के साथ बेरहमी की गई थी।

मृतक के भाई दीपक ने वीर सिंह रावत, उदयभान रावत, अंकित रावत, मरदन रावत, राहुल रावत, विक्रम रावत, बबलू रावत और रामेश्वर रावत पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि आरोपियों ने पहले मानसिंह को शराब पार्टी के नाम पर बुलाया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुरानी रंजिश का मामला आया सामने

शिकायत में यह भी बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि वर्ष 2002 में भी इन्हीं लोगों के परिजनों द्वारा उनके दादा की हत्या की गई थी, और इसी पुरानी दुश्मनी के कारण मानसिंह को निशाना बनाया गया है।

एसडीओपी विनायक शुक्ला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस दल आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रहे हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।