दतिया शहर में लाला के तालाब के जल निकास को लेकर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। यहां पानी की निकासी के लिए बने मुख्य रास्तों को अवरुद्ध कर दिया गया है। जब नगर पालिका की टीम ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, तो वे भी हैरान रह गए।

तालाब के निकास द्वार पर तान दिया मकान

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान से तालाब का पानी बाहर निकलता था, वहां अब पक्का मकान बना लिया गया है। अधिकारियों ने जब कमरे का ताला खुलवाकर भीतर जांच की, तो पता चला कि पानी निकासी के सभी मगरमुख पूरी तरह से बंद किए जा चुके हैं।

पड़ताल में सामने आया कि खेड़ापति मंदिर के नजदीक जल निकासी के लिए जो पांच मुंह बनाए गए थे, उन्हें नींव भरकर पूरी तरह ढंक दिया गया था। इन रास्तों से पानी का बहाव रोकने के बाद वहां निर्माण कार्य कर लिया गया।

प्लास्टिक पाइप से नहीं निकल रहा था पानी

निकासी बंद होने के बाद पानी के बहाव के लिए मौके पर एक छोटा प्लास्टिक पाइप डाला गया था। निरीक्षण के वक्त टीम ने पाया कि उस पाइप से एक बूंद पानी भी बाहर नहीं निकल रहा था। बरसात के दिनों में जब तालाब का जलस्तर बढ़ता है, तो यह छोटा पाइप पानी निकालने में पूरी तरह विफल साबित होता है।

एसडीएम और तहसीलदार ने की औचक पड़ताल

इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम सोनाली राजपूत और तहसीलदार अजय झा मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं से इस प्रकार के निर्माण की अनुमति से जुड़े वैध दस्तावेज दिखाने को कहे, लेकिन वहां मौजूद लोग कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और मौके पर मौजूद लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने मांग की कि उन्हें लिखित नोटिस दिया जाए, जिसके बाद वे निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करेंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में मंदिर से जुड़ी तमाम जानकारियों की रिपोर्ट तलब की है। एसडीएम सोनाली राजपूत ने पूरे प्रकरण की समीक्षा कर आगे की विधिवत कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए हैं।