दतिया जिले के भांडेर थाना इलाके में अवैध रूप से वाहन रोकने और रुपयों की मांग करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिसके चलते उच्चाधिकारियों को त्वरित कदम उठाने पड़े।
एसपी को सीधे फोन पर दी थी जानकारी
बीती 2 सितंबर की रात भिंड-भांडेर मार्ग पर गिट्टी और रेत से भरे वाहनों का आवागमन हो रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने एक ट्रक को जबरन रुकवा लिया और चालक से दो सौ रुपये की मांग करने लगे।
चालक ने पैसे देने के बजाय चालाकी दिखाते हुए सीधे जिला पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को फोन लगा दिया और पूरी घटना की जानकारी दी। एसपी ने तुरंत मौके पर मौजूद व्यक्ति से फोन पर बात करवाने को कहा, लेकिन इसकी भनक लगते ही आरोपी वहां से भाग निकला।
मोबाइल जांच से खुला आरक्षक का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और सरसई रोड निवासी भूरे परिहार व जेडी को हिरासत में लिया। जब इन दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की गई, तो पूरे घटनाक्रम का रुख ही बदल गया।
फोन रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस विभाग के ही आरक्षक चालक सौरभ बाजपेई का संपर्क नंबर सामने आया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने इस एंगल पर अपनी जांच और तेज कर दी।
एसपी ने की त्वरित कार्रवाई
जांच में जब आरक्षक सौरभ बाजपेई की भूमिका संदिग्ध पाई गई और आरोप प्रथम दृष्टया सही साबित हुए, तो पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने कड़ा रुख अपनाया।
एसपी ने आरोपी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हाईवे पर वसूली करने वाले निजी लोगों और इस आरक्षक के बीच किस तरह की सांठगांठ थी तथा इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन शामिल है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!