दतिया जिले के गोराघाट थाने में दर्ज एक संगीन मामले की जांच को लेकर गुरुवार को ग्रामीणजनों और महिलाओं ने एसपी कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन के दौरान छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी अपनी यूनिफॉर्म में हाथों में ज्ञापन लेकर पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।

झूठा फंसाने का लगाया गंभीर आरोप

ग्राम गढ़ी की रहने वाली रामबाई रावत ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्यों को दीपक रावत की शिकायत पर दर्ज हत्या और मारपीट के मामले में जानबूझकर फंसाया गया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच गोराघाट थाने से हटाकर किसी अन्य पुलिस अधिकारी को सौंपी जाए।

घटना के वक्त घर पर होने का दावा

ज्ञापन में रामबाई ने दावा किया कि 21 सितंबर की सुबह माता मंदिर के पीछे मानसिंह रावत के साथ हुई मारपीट की घटना में उनके पति, बेटों, देवर और भतीजे का कोई हाथ नहीं है और घटना के समय वे सभी घर पर मौजूद थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि निष्पक्षता के लिए संबंधित लोगों की मोबाइल टावर लोकेशन की तकनीकी जांच कराई जाए।

पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसका फायदा उठाकर उनके परिजनों को इस गंभीर मामले में घसीटा गया है। उन्होंने पुलिस से गुजारिश की है कि आसपास के मकानों और खेतों में रहने वाले स्थानीय लोगों से भी इस घटना के संबंध में पूछताछ की जानी चाहिए।

एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

ग्रामीणों और महिलाओं की पूरी बात सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक ने ज्ञापन स्वीकार किया और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।