दतिया जिले में प्रशासनिक कामकाज और अत्यधिक दबाव के कारण पटवारियों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। सोमवार को इसी तनाव के बीच दो महिला पटवारी अचानक अचेत होकर गिर गईं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
तहसील कार्यालय की बैठक में जाते समय बिगड़ी तबीयत
सोमवार को अधिकारियों ने तहसील कार्यालय में एक बैठक बुलाई थी। इसी सिलसिले में महिला पटवारी रेनू श्रीवास्तव और सुरभि श्रीवास्तव कलेक्ट्रेट की तरफ जा रही थीं, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर नीचे गिर पड़ीं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम सोनाली राजपूत, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और दोनों महिला कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
पटवारी संघ ने लगाया अत्यधिक कार्यभार का गंभीर आरोप
घटना के बाद पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वामित्व योजना और अन्य विभागीय कार्यों को पूरा करने के लिए पटवारियों पर भारी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मैदानी कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, बेहोश होने वाली दोनों महिला कर्मचारी रेनू श्रीवास्तव हल्का गुजररा और सुरभि श्रीवास्तव हल्का चिरौली में पर्यवेक्षाधीन पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। संघ का कहना है कि इसी मानसिक और कार्यभार के तनाव के कारण उनकी यह हालत हुई है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बताया कि प्रदेश स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि जब तक निलंबित साथियों की बहाली और सेवा समाप्ति के आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक काम नहीं किया जाएगा। शासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
इसी के चलते रविवार को प्रांतीय स्तर पर दोबारा पत्र जारी कर आंदोलन को यथावत रखने का फैसला लिया गया था। पटवारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक शासन स्तर से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!