दतिया की राजघाट कॉलोनी में पिछले काफी समय से सरकारी आवासों पर डटे अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस का अमला पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतरा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखते हुए एक एसडीओपी और पांच थानों के प्रभारियों समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था।

भाजपा नेत्री क्रांति राय का आवास कराया गया खाली

इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मुख्य रूप से पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेत्री क्रांति राय के कब्जे वाले सरकारी बंगले को खाली कराया गया। कार्रवाई के वक्त क्रांति राय प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए लगातार विरोध दर्ज कराती रहीं। हालांकि, अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और मकान खाली करवाकर उनका सारा सामान बाहर सड़क पर रखवा दिया, जिसके बाद वह सामान समेटकर अपने घर रवाना हो गईं।

नवंबर महीने से चल रही है आवास खाली कराने की मुहिम

गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाने की यह प्रक्रिया बीते साल नवंबर माह से लगातार जारी है। नियमानुसार क्रांति राय को भी सरकारी आवास छोड़ने के लिए पूर्व में कई बार औपचारिक नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन ने इस साल मई के महीने में उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द मकान खाली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेशों की अनदेखी करते हुए आवास खाली नहीं किया गया।

मंगलवार की सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला राजघाट कॉलोनी पहुंचा, तो क्रांति राय के सरकारी आवास के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ था। अमले ने अंदर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया और जब राय ने बाहर आने तथा कब्जा छोड़ने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तब बल प्रयोग करते हुए मकान खाली कराने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

बाहर ताला लगाकर अंदर रह रहा था दूसरा परिवार

कार्रवाई के दौरान एक अन्य सरकारी आवास जी-5 का मामला भी सामने आया, जो प्रभा राजपूत के आधिपत्य में था। इस बंगले को बाहर से ताला लगाकर ऐसा दर्शाया गया था मानो इसे खाली किया जा रहा हो। इसके अलावा बाहर एक लोडिंग वाहन और कुछ सामान भी खड़ा कर दिया गया था ताकि प्रशासनिक टीम को भ्रमित किया जा सके।

जब प्रशासनिक टीम ने पीछे के रास्ते से जाकर छानबीन की और कोई जवाब नहीं मिला, तो तहसीलदार अजय झा की मौजूदगी में वीडियोग्राफी करवाते हुए ताला तोड़ने के निर्देश दिए गए। जैसे ही कर्मचारी ने ताला काटने का प्रयास किया, अंदर मौजूद दो युवतियां बाहर निकल आईं और बताया कि उनके माता-पिता नया मकान देखने गए हैं। बहरहाल, प्रशासन ने तमाम परिस्थितियों को दर्ज करते हुए कॉलोनी में सरकारी परिसंपत्तियों को मुक्त कराने की अपनी कार्रवाई पूरी की।