ग्रामीण पगडंडियों से भी बदतर हुई सड़क की हालत

दतिया की पुरानी कलेक्ट्रेट के भीतर बनी डामर की सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क की मौजूदा स्थिति किसी ग्रामीण इलाके के कच्चे रास्तों और खेतों की पगडंडियों से भी ज्यादा खराब हो चुकी है। स्थिति यह है कि इस मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें पानी भरा रहता है।

एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं नौ अहम दफ्तर

यह बदहाल स्थिति तब है जबकि इस पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर एक-दो नहीं बल्कि कुल नौ सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से लेकर जिला पंचायत कार्यालय तक शामिल हैं। अपने जरूरी कामों के सिलसिले में रोजाना सैकड़ों अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक इसी परिसर से होकर गुजरते हैं।

1985 में हुआ था इस ऐतिहासिक भवन का निर्माण

पुरानी कचहरी के रूप में मशहूर इस कलेक्ट्रेट परिसर का निर्माण कार्य वर्ष 1985 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल के दौरान कराया गया था। मोटी दीवारों वाली इस दो मंजिला इमारत में एक दशक पहले तक जिला न्यायालय और जिले के तमाम बड़े विभाग संचालित हुआ करते थे।

वर्ष 2018 में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के बाद कलेक्टर कार्यालय वहां स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके साथ ही एसडीएम, तहसीलदार और एसएलआर कार्यालय भी नए भवन में चले गए, जबकि पुराने कचहरी भवन में एसपी कार्यालय को स्थापित कर दिया गया।

विभिन्न विभागों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग प्रभावित

वर्तमान में पुराने एसपी कार्यालय के पास एएसपी कार्यालय और ऊपरी मंजिल पर महिला एवं बाल विकास शहरी परियोजना का दफ्तर काम कर रहा है। इसके अलावा परिसर के पिछले हिस्से में जिला पंचायत, रजिस्ट्रार कार्यालय, जनपद पंचायत, आरईएस और सामाजिक न्याय विभाग संचालित हो रहे हैं।

एसपी कार्यालय के ठीक बगल से गुजरने वाली डामर की यही सड़क जिला पंचायत, सामाजिक न्याय विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) और अन्य दफ्तरों को आपस में जोड़ती है। देखरेख के अभाव में यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है।