ग्वालियर-चंबल संभाग के दतिया जिले में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में एक विवाहिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने अधिकारियों के सामने अपनी फरियाद रखने के दौरान ही जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

भांडेर निवासी विवाहिता ने उठाया कदम

यह घटना भांडेर के काजीपाठा मोहल्ला निवासी पूनम वाल्मीकि के साथ पेश आई। वह अपने मासूम बेटे के साथ अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंची थी। महिला की शादी करीब तीन साल पहले काजीपाठा के ही रहने वाले मोनू जाटव के साथ हुई थी।

पूनम ने आवेदन के जरिए आरोप लगाया कि उसका पति करीब दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया है। जाने से पहले पति और ससुराल के अन्य लोग उसके साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना करते थे, जिससे उसका जीवन नर्क बन गया था।

जेठ और अन्य परिजनों पर लगाए आरोप

पीड़ित महिला ने अपने जेठ सोनू जाटव पर विशेष रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जेठ ने उसके साथ मारपीट करने के बाद घर का सारा सामान बाहर फेंक दिया और उसे घर से बेदखल कर दिया।

इस प्रताड़ना में महिला ने अपने पति मोनू जाटव, जेठ सोनू जाटव, जेठानी मुन्नी और ससुर गोविंद दास को भी शामिल बताया है। महिला का कहना है कि ये सभी मिलकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे थे।

स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का मलाल

महिला का यह भी कहना था कि वह पहले भी स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन भांडेर थाना पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर कोई ठोस रिपोर्ट दर्ज नहीं की और न ही कोई कार्रवाई की।

उचित न्याय न मिलने के कारण वह मंगलवार को दूसरी बार एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी गुहार लगाने पहुंची थी, जहां सुनवाई के दौरान उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।

पुलिस बल ने तुरंत पहुंचाया जिला अस्पताल

जनसुनवाई कक्ष में महिला की हालत बिगड़ते देख वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई। पुलिसकर्मी उसे तुरंत अपने वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने समय रहते उसका इलाज शुरू कर दिया।

चिकित्सकों के अनुसार अब महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं पुलिस प्रशासन ने इस मामले में महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और पूर्व शिकायतों की गहराई से जांच शुरू कर दी है ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।