दतिया विधानसभा उपचुनाव के माहौल में राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर और चिरूला गांव में हुई एक घटना को लेकर सियासत गरमा गई है। यह मामला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच बयानबाजी का कारण बना है।

ट्रेन में मुलाकात पर पटवारी का तंज

मामला तब शुरू हुआ जब जीतू पटवारी और हेमंत खंडेलवाल की एक ही ट्रेन में यात्रा करते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद, रविवार को चिरूला गांव में कांग्रेस की एक चुनावी सभा के दौरान जीतू पटवारी ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को मंच के पास बुलाकर कथित तौर पर कहा, "इन्हें कोई जानता है क्या?" इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

खंडेलवाल का पलटवार: 'परिचितों में बातचीत स्वाभाविक'

इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यदि ट्रेन की एक ही बोगी में दो परिचित लोग यात्रा कर रहे हों, तो उनका आपस में बातचीत करना पूरी तरह स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर पर पर्यावरण, परिवार, स्वास्थ्य और राजनीति जैसे कई विषयों पर चर्चा हो सकती है।

खंडेलवाल ने जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी आदत हर बात में कमी निकालने और गलत शब्दों का प्रयोग करने की है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता पहले भी ऐसे बयानों का जवाब दे चुकी है और भविष्य में भी देगी।

सम्मान की राजनीति बीजेपी से सीखें: खंडेलवाल

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि सम्मान और आदर के साथ राजनीति कैसे की जाती है, यह भारतीय जनता पार्टी की कार्यपद्धति और विचारधारा से सीखा जा सकता है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर असम्मानजनक राजनीति करने का आरोप लगाया।