सोनागिर में कांग्रेस अध्यक्ष का भाजपा पर कड़ा प्रहार

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में दतिया जिले के सोनागिर क्षेत्र का दौरा किया। यहां स्थानीय विधायक सतीश सिकरवार के कार्यकर्ता सम्मेलन के सिलसिले में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा कुशवाह समाज के संबंध में दिए गए एक पूर्व बयान का कड़ा संज्ञान लेते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

माफी न मांगने पर ग्वालियर-चंबल संभाग में आंदोलन की चेतावनी

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने मांग की कि संबंधित वरिष्ठ नेता को कुशवाह समाज के बीच जाकर अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते माफी नहीं मांगी गई, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पार्टी की ओर से ग्वालियर-चंबल संभागभर में उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर सड़क पर उतरा जाएगा।

ओबीसी और दलित अपमान का लगाया आरोप

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल लगातार पिछड़ा वर्ग, दलितों और विभिन्न समाजों की उपेक्षा कर उनका अनादर करता रहा है। उनका कहना था कि समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में बांटने वाली राजनीति स्वस्थ लोकतंत्र के लिए किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय, हर वर्ग के सम्मान और शासन में उनकी उचित भागीदारी की हिमायती रही है।

भिंड के मामलों को बताया फर्जी और दतिया उपचुनाव पर किया दावा

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भिंड जिले में बघेल समाज के लोगों पर दर्ज कराए गए पुलिस मुकदमों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इन सभी मुकदमों को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए चेतावनी दी कि निर्दोष नागरिकों को बेवजह परेशान किए जाने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। यदि सरकार ने ये मुकदमे वापस नहीं लिए तो तीव्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

दतिया उपचुनाव के संदर्भ में विश्वास जताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यहाँ के चुनाव परिणाम प्रदेश की राजनीतिक दिशा में एक नए बदलाव की शुरुआत साबित होंगे। उन्होंने उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी एकजुटता बढ़ाएं और संगठन को मजबूत करते हुए चुनावी तैयारियों में पूरी ऊर्जा के साथ जुट जाएं।