दतिया में राजघाट क्षेत्र स्थित शासकीय क्वार्टरों को पूरी तरह अपने कब्जे में लेने के लिए सोमवार को प्रशासनिक अमला एक बार फिर हरकत में आया। नियमों का उल्लंघन कर रखे गए इन आवासों को खाली कराने के वास्ते प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार अजय झा और एसडीओपी आकांक्षा जैन के संयुक्त नेतृत्व में अंजाम दी गई। प्रशासन के मुताबिक, जिन पांच सरकारी आवासों को खाली कराया गया है, उनका पूर्व आवंटन विभागीय और प्रशासनिक नियमों के अनुरूप नहीं था, जिस वजह से आवंटन पहले ही निरस्त किया जा चुका था।

कार्रवाई के दौरान कई क्वार्टर पहले से ही खाली पाए गए, जबकि कुछ जगहों पर अंदर रह रहे लोगों ने प्रशासनिक सख्ती को देखते हुए खुद ही अपना सारा सामान बाहर निकाल लिया। इसके बाद प्रशासन ने इन सभी संबंधित आवासों पर आधिकारिक रूप से अपना ताला जड़कर कब्जा ले लिया।

क्वार्र्टर्स के अंदर मिले कुत्ते, मची हलचल

इस बेदखली की कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया। जब टीम एक क्वार्टर के भीतर दाखिल हुई तो वहां अंदर कुत्ते मौजूद मिले, जिन्हें देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों के बीच कुछ देर के लिए हलचल और असमंजस की स्थिति बन गई थी।

पहले भी खाली कराए जा चुके हैं 15 क्वार्टर

उल्लेखनीय है कि प्रशासन इससे पहले भी राजघाट इलाके से 15 अन्य शासकीय क्वार्टरों को अपने नियंत्रण में ले चुका है। पूर्व में खाली कराए गए इन आवासों में से कुछ पर स्थानीय भाजपा नेताओं के कब्जे की बात भी सामने आई थी। सोमवार को जिन पांच अन्य आवासों पर बुलडोजर और जब्ती की कार्रवाई हुई, उनमें भी भाजपा नेताओं का अवैध कब्जा होने की चर्चा है, हालांकि प्रशासनिक अमला इसे केवल नियमों के विरुद्ध आवंटन निरस्त होने की सामान्य प्रक्रिया बता रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार अजय झा ने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूआरडी अपार्टमेंट के परिसरों में बने इन आवासों का पिछला आवंटन नियमों के दायरे से बाहर था। उन्होंने बताया कि इससे पहले एच-30 और जी-25 नंबर के दो आवासों को भी मुक्त कराया जा चुका है, और इसी कड़ी में बाकी बचे पांच निरस्त आवंटनों पर सोमवार को यह सख्त कार्रवाई पूरी की गई।