सेंवढ़ा में गणेश उत्सव के अंतिम दिन आस्था, भक्ति और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। रतनगढ़ लै चल लांगुरिया की गूंज, ढोलक की थाप और गणपति के जयकारों के बीच शहर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय नजर आया। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर पंडालों तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
बजरिया मोहल्ले में गूंजे लांगुरिया और ग्वाल-ग्वालनी के भजन
शहर के बजरिया मोहल्ले में स्थित गणपति पंडाल पर गंठोली यादव की टीम ने विशेष प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने माता रतनगढ़ वाली की आराधना से जुड़े लांगुरिया और लोक शैली में ग्वाल-ग्वालनी के संवाद व नोकझोंक को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। लोकभाषा और गायन की इस शैली ने श्रोताओं को लंबे समय तक बांधे रखा।
इस धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान में श्यामकरण मिश्रा ने प्रसिद्ध सनकुआं धाम की महिमा का गुणगान किया। इसके अलावा कंदरपुरा, बेरछा, रेतीडांडा और सयानीपुरा से आई टीमों ने भी अपनी प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
बुंदेली लोक परंपराओं की दिखी छटा
बुंदेलखंड अंचल में देवी आराधना के साथ लांगुरिया गायन की पुरानी परंपरा रही है, जिसमें देवी के प्रिय सेवक लांगुर की महिमा का बखान किया जाता है। स्थानीय लोक-साहित्य के अनुसार यहां पुरुषों द्वारा ढोलक और झांझ की थाप पर लांगुरिया गाने की विधा पीढ़ियों से चली आ रही है। गणेश उत्सव के अंतिम दिनों में इन पारंपरिक कलाओं का जीवंत रूप देखने को मिला।
नगर के विभिन्न पंडालों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और कीर्तन के दौर चले। सेंवढ़ा के अलावा लहार, गोहद और इंदरगढ़ तहसील के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए सनकुआं पहुंचीं। पिछले चार दिनों के भीतर यहां 200 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।
भव्य शोभायात्रा और विसर्जन को लेकर उत्साह
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुबह से ही झांकियों और प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। बजरिया मोहल्ला, बड़े बाबा मंदिर के पास स्थापित 'सेंवढ़ा के राजा', हनुमान चौराहा और दीक्षित मोहल्ला के पंडालों में क्षेत्र की सबसे विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनके दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
इन प्रमुख पंडालों की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर युवा समितियों में विशेष उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल भी देखा जा रहा है। ढोल-नगाड़ों और आकर्षक झांकियों के साथ निकलने वाली इन विशाल शोभायात्राओं के मद्देनजर पूरे नगर में सुरक्षा और व्यवस्था के बीच उत्सव का माहौल चरम पर है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!