दतिया स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के नए सत्र के लिए नामांकित स्वयंसेवकों वास्ते एक विशेष दिशा-निर्देशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को एनएसएस की कार्यप्रणाली और समाज निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराया गया।

स्वागत और रूपरेखा प्रस्तुतिकरण

कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता भटनागर के स्वागत और माल्यार्पण के साथ संपन्न हुई। इसके पश्चात एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मुदिता मिश्रा ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को इस योजना के मूल उद्देश्यों की जानकारी दी।

प्रस्तुति के दौरान उन्होंने संगठन के इतिहास, तय गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकारी ने बताया कि एनएसएस के जरिए युवाओं के भीतर सेवा भाव के साथ-साथ अनुशासन और नेतृत्व कौशल का विकास होता है।

व्यक्तित्व विकास का माध्यम है एनएसएस

प्राचार्य डॉ. संगीता भटनागर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना मात्र कुछ गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

कार्यक्रम का सफल संचालन अनुष्का उपाध्याय द्वारा किया गया, जबकि अंत में प्रिया चौहान ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।