ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले से कानून व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सिविल लाइन थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले बहादुरपुर गांव में एक घर को निशाना बनाकर आरोपियों द्वारा गोलीबारी और तोड़फोड़ करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।

एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित ग्रामीण

इस घटना के विरोध में सोमवार को बहादुरपुर के रहने वाले रामविहारी दांगी अपने परिवार के सदस्यों और बड़ी संख्या में अन्य ग्रामीणों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां के अधिकारियों को पूरी घटना की लिखित शिकायत सौंपी।

वाहनों से पहुंचे थे आरोपी, की गई अंधाधुंध फायरिंग

शिकायतकर्ता रामविहारी ने बताया कि बीती 12 सितंबर की शाम को गांव के ही भोले दांगी, राघवेन्द्र दांगी, सोमन्त दांगी, अनुज दांगी, राहुल दांगी, आनंद दांगी, सोनू दांगी और रचित दांगी कुल तीन वाहनों में सवार होकर उनके घर के बाहर पहुंचे थे। आरोप है कि सभी ने वहां पहुंचते ही गालियां देना शुरू कर दिया।

जब घर के लोगों ने इसका विरोध जताया, तो स्थिति और बिगड़ गई। आरोप के अनुसार, भोले और आनंद ने अपनी बंदूकों से हवा में कई फायर किए, जबकि सोमन्त और राघवेन्द्र ने देसी कट्टों से फायरिंग की।

घर के अंदर की गई तोड़फोड़

फायरिंग के इस खौफनाक घटनाक्रम के बाद आरोपियों का गुस्सा इतने पर ही शांत नहीं हुआ, बल्कि वे घर के अंदर तक घुस आए और वहां जमकर तोड़फोड़ की। इस बीच दहशत में आए पीड़ित पक्ष ने तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी वहां से भाग निकले।

थानी में सुनवाई न होने का आरोप

रामविहारी का यह भी गंभीर आरोप है कि घटना के तुरंत बाद वह सिविल लाइन थाने गए थे और वहां पुलिसकर्मियों को पूरी आपबीती सुनाई, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि थाने में कुछ देर बैठाए रखने के बाद उन्हें बिना कार्रवाई के ही वापस लौटा दिया गया था।

एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार ने आरोपियों से अपनी जान का बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। एसपी मयूर खंडेलवाल ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।