ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले के लांच थाना अंतर्गत आने वाले टोडा गांव में संपत्ति और जमीन के बंटवारे को लेकर उपजे पारिवारिक विवाद ने एक किसान की जान ले ली। इस मामले में पुलिस ने मृतक के बड़े भाई और भतीजे को आरोपी बनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जमीन के हिस्से को लेकर हुआ था खूनी संघर्ष जैसा तनाव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गत 18 सितंबर की सुबह करीब 55 वर्षीय राजपाल सोलंकी का अपने ही बड़े भाई सुरेंद्र सिंह सोलंकी उर्फ चिनू और भतीजे सत्यम सोलंकी के साथ जमीन के विभाजन को लेकर झगड़ा हो गया था। मृतक के बेटे ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि इस दौरान दोनों आरोपियों ने उनके पिता के साथ न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के वक्त आरोपियों ने राजपाल सोलंकी को मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित किया और उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वाली बातें कहीं, जिससे वे गहरे सदमे में आ गए थे।
खेत पर जाकर उठाया खौफनाक कदम
परिजनों के मुताबिक, विवाद के तुरंत बाद राजपाल सोलंकी अपने पडुआ वाले खेत पर चले गए। घटना के करीब दो घंटे बाद चिमघन गांव निवासी हुकुम सिंह कुशवाह ने उनके बेटे को फोन के जरिए सूचना दी कि राजपाल ने खेत पर जहरीला कीटनाशक पदार्थ खा लिया है, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई है।
यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत उन्हें लेकर इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दतिया जिला अस्पताल और फिर बाद में झांसी रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी
झांसी के निदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में उपचार के दौरान 19 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे राजपाल सोलंकी की सांसें थम गईं। मौत के बाद शव को वापस इंदरगढ़ लाया गया जहां उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके पश्चात पैतृक गांव टोडा में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
लांच थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के बेटे के बयानों और शुरुआती जांच के आधार पर सुरेंद्र सिंह सोलंकी और सत्यम सोलंकी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!