पटवा तिराहे के पास दिया था वारदात को अंजाम
दतिया में न्यायलय ने लूट के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला छात्रा से जुड़ा हुआ है जो एमपीपीएससी की परीक्षा में शामिल होने के बाद अपने घर वापस लौट रही थी। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था।
पल्सर बाइक पर सवार होकर आए थे बदमाश
अपर लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि घटना 23 जून 2024 की दोपहर लगभग 12 बजे की है। पीड़िता मोहिनी गोस्वामी एमपीपीएससी की परीक्षा देने के बाद परीक्षा केंद्र से अपने घर की तरफ आ रही थी। जैसे ही वह पटवा तिराहे के पास पहुंची, तभी पीछे से पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक आए और उनके हाथ से नीले रंग का बैग झपटकर टाउनहाल की तरफ फरार हो गए।
लूटे गए उस बैग में छात्रा का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एक हजार रुपए नकद मौजूद थे।
बाइक के मडगार्ड पर लिखे नाम से खुला राज
वारदात के दौरान पीड़िता ने सूझबूझ दिखाते हुए बदमाशों की मोटरसाइकिल के मडगार्ड पर लिखा नाम 'अक्कू दाऊ' पढ़ लिया था। यही नाम पुलिस के लिए इस मामले में सबसे बड़ा और अहम सुराग साबित हुआ।
कोतवाली पुलिस ने इसी सुराग के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी अमित उर्फ उमेश अहिरवार (निवासी बक्सी के हनुमान) और मुजीम खान (निवासी सपा पहाड़) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया था, जिसकी पहचान पीड़िता से कराई गई थी।
विशेष न्यायाधीश ने सुनाई सजा
यह मामला विशेष न्यायाधीश (डकैती अधिनियम) राजेश भंडारी की अदालत में चल रहा था। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और दलीलों से सहमत होते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर तीन-तीन हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!