कारस देव बाबा के स्थान पर हुआ दंगल का आयोजन

सेंवढ़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बघावली में शनिवार को कारस देव बाबा के पवित्र स्थल पर एक विशाल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक आयोजन में देश के तमाम हिस्सों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपने दमखम और कुश्ती कला के बेहतरीन दांव-पेच दिखाए।

एक लाख ग्यारह हजार रुपए की मुख्य कुश्ती रही बराबरी पर

अखाड़े की सबसे बड़ी और आकर्षण का केंद्र रही 1 लाख 11 हजार रुपए की आखिरी कुश्ती राजस्थान के रामेश्वर पहलवान और उत्तर प्रदेश के हरेंद्र पहलवान के बीच लड़ी गई। दोनों ही धुरंधर पहलवानों ने काफी समय तक एक-दूसरे को कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन कोई भी विजय प्राप्त नहीं कर सका। मुकाबला बराबरी पर समाप्त होने के बाद दोनों को इनामी राशि आधी-आधी बांट दी गई।

इसी तरह 71 हजार रुपए की दूसरी बड़ी कुश्ती राजस्थान के गिरिराज पहलवान और उत्तर प्रदेश के नीतू पहलवान के बीच हुई। अखाड़े में दोनों ने एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए भरपूर जोर लगाया, परंतु अंततः यह मुकाबला भी बराबरी पर ही छूटा और इनामी राशि दोनों में बराबर बांटी गई।

ग्वालियर के कौशल ने महाराष्ट्र के पहलवान को हराया

प्रतियोगिता के दौरान 51 हजार रुपए की तीसरी कुश्ती ग्वालियर के कौशल गुर्जर और महाराष्ट्र के बाबा पहलवान के बीच संपन्न हुई। कौशल गुर्जर ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी के हर दांव को नाकाम किया और शानदार तरीके से मुकाबला अपने नाम करते हुए 51 हजार रुपए का पुरस्कार जीता।

महिला पहलवान विमला और पुरुष पहलवान का मुकाबला रहा रोमांचक

दंगल के दौरान 21 हजार रुपए की इनामी राशि वाली महिला कुश्ती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आगरा से आईं महिला पहलवान विमला ने ग्वालियर के बेटा पहलवान को कड़ी टक्कर दी। विमला ने अपनी फुर्ती और तकनीकी दांव-पेचों से पुरुष पहलवान को कई बार दबाव में ला दिया, जिसे देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। यह मुकाबला भी बराबरी पर छूटा।

इस पूरे आयोजन के पीछे राघवेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ डब्ल्यू पहलवान की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से इसे संभव बनाया। लगातार छह घंटे तक चले इस दंगल में केवल चार विशेष मुकाबलों के दौरान ही लगभग तीन लाख रुपए की इनामी राशि बांटी गई।