दतिया जिले के अंतर्गत आने वाले सेवढ़ा कस्बे में नगर परिषद के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को पांचवें दिन भी पूरी तरह से जारी रहा। काम बंद रहने के कारण शहर में साफ-सफाई व्यवस्था के साथ-साथ जल आपूर्ति भी पूरी तरह चरमरा गई है।

दुकानदारों ने बाजार बंद कर जताया समर्थन

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगों के पक्ष में सेवढ़ा के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने एकजुटता दिखाई। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे से ही व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जिससे मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।

ठेका प्रथा समाप्त करने की मुख्य मांग

आंदोलन कर रहे सफाई कर्मियों का मुख्य उद्देश्य ठेकेदार प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना है। वे नियमों के प्रावधानों के अनुसार सीधे वेतन और अन्य जरूरी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार उच्च स्तर पर गुहार लगाने के बाद भी नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया है।

संक्रमण और बीमारियों का मंडराया खतरा

लगातार पांच दिनों से कचरे का उठाव न होने के कारण नगर के तमाम हिस्सों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस मौसम में फैली गंदगी के चलते गंभीर बीमारियों और संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही पानी की आपूर्ति बंद होने से घरेलू कामकाज में भी भारी बाधा आ रही है।

नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों का इस संबंध में कहना है कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के साथ चर्चा का दौर जारी है। जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, इस मामले में जब एसडीएम अशोक अवस्थी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।