एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा सोमवार को शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री पीतांबरा पीठ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पहुंचकर मां बगलामुखी की विशेष पूजा-अर्चना की और आरती में हिस्सा लिया। उनके आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी उपस्थिति देखने को मिली।

धूमावती माता और वनखंडेश्वर महादेव के किए दर्शन

मां बगलामुखी के दर्शन करने के बाद बिट्टा ने मंदिर परिसर में स्थित मां धूमावती के दरबार का रुख किया और वहां भी आरती में भाग लिया। इसके पश्चात उन्होंने दतिया के ऐतिहासिक और प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस पूरी धार्मिक यात्रा के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद रहे।

राजनीतिक दलों से की राष्ट्रहित में एकजुट होने की अपील

दर्शन पूजन संपन्न होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कड़े शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की हिफाजत से बढ़कर कुछ भी नहीं है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने आपसी मतभेद किनारे रखकर राष्ट्रहित के मुद्दों पर एक मंच पर आने का आह्वान किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर सियासत से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। समाज के हर वर्ग और राजनीतिक संगठनों को देश की मजबूती के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

शहीद भगत सिंह को किया याद और सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

अपनी इस यात्रा के दौरान बिट्टा ने अमर शहीद भगत सिंह समेत देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले तमाम शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश के वीर सपूतों का त्याग और साहस युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा और नागरिकों को देश में शांति व भाईचारा बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि नवमी पर्व और वीआईपी आगमन के कारण पीतांबरा पीठ परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर के भीतर और बाहर पुलिस बल तैनात रहा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी।