निचरौली रोड से धरे गए चार आरोपी
दतिया कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को चार मुख्य आरोपियों को निचरौली रोड से दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान दशरथ यादव, शैलेन्द्र यादव, संजू यादव और राघवेंद्र यादव के रूप में हुई है, जो सभी महेवा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ-साथ लाठी-डंडे और फरसे भी जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर हेमा गौतम ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनका बाजार में जुलूस निकाला। इस वारदात में शामिल अन्य फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
भाई के सामने बाइक रोककर दिया था वारदात को अंजाम
यह पूरी घटना बुधवार शाम की है, जब महेवा निवासी 24 वर्षीय पवन यादव अपने भाई संजय के साथ किसी वकील से मिलकर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। रास्ते में एक स्कॉर्पियो गाड़ी ने, जिस पर पुलिस लिखा हुआ था, उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया।
स्कॉर्पियो से उतरे लोगों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हालांकि संजय किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा, लेकिन हमलावरों ने पवन को जबरन गाड़ी में पटक लिया और अपने साथ ले गए। बाद में पुलिस की खोजबीन के दौरान रात लगभग आठ बजे पवन लक्ष्मणपुरा गांव के पास सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, जिसके हाथ और पैर बुरी तरह टूटे हुए थे।
दस बीघा जमीन का पुराना विवाद बना वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे लगभग 10 बीघा जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। पवन के चाचा ने अपनी जमीन इन आरोपियों को बेच दी थी और गांव छोड़कर चले गए थे, लेकिन पवन ने उन आरोपियों को जमीन पर कब्जा नहीं लेने दिया और खुद डटा हुआ था।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी अगवा करने की घटना का वीडियो भी बना लिया था, जो बाद में आरोपियों की शिनाख्त में बेहद मददगार साबित हुआ। फिलहाल पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य फरार साथियों और हथियारों के स्रोतों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!