योजनाओं की समीक्षा के बाद जिला प्रशासन का बड़ा कदम
अंचल के दतिया जिले में शिक्षा विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। कार्यों की धीमी गति और मॉनिटरिंग में ढिलाई को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में दतिया ब्लॉक के बीआरसीसी धर्मेंद्र मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
महज 37 फीसदी प्रगति के साथ प्रदेश में फिसड्डी रहा जिला
हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा बैठकों में यह बात खुलकर सामने आई कि जिले में संचालित कई महत्वपूर्ण शैक्षिक योजनाएं अपने निर्धारित लक्ष्यों से बहुत पीछे चल रही हैं। इसका सीधा और नकारात्मक असर प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग पर पड़ा है। जहां मध्य प्रदेश के अन्य जिले इन कार्यों में लगभग 91 प्रतिशत तक की प्रगति हासिल कर चुके हैं, वहीं दतिया ब्लॉक का प्रदर्शन महज 37 प्रतिशत तक ही सीमित रह गया।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले के बाकी विकासखंडों का कामकाज संतोषजनक रहा, लेकिन अकेले दतिया ब्लॉक की सुस्ती ने पूरे जिले को प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर ला खड़ा किया। हालांकि हालिया उपचुनाव के दौरान इस विधानसभा क्षेत्र के शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से अलग रखा गया था, इसके बावजूद विभागीय गतिविधियों में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली।
लापरवाही की पुष्टि के बाद कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के आदेश
कार्यों की इस सुस्त रफ्तार के कारण विद्यार्थियों से जुड़ी कई जरूरी प्रक्रियाएं भी प्रभावित हुईं, जिनमें पात्र बच्चों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलना भी शामिल है। हालात की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
जिला परियोजना समन्वयक (DPC) से प्राप्त विस्तृत प्रतिवेदन में ब्लॉक स्तर पर गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए बीआरसीसी धर्मेंद्र मांझी को निलंबित कर दिया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!