दतिया में मतदाता सूची से नाम काटे जाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत आगामी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों का आयोजन किया जाएगा।

गांव-गांव पहुंचकर सूची की होगी जांच

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ स्तर पर घर-घर जाकर संपर्क करेंगे और मतदाता सूची का मिलान करेंगे। इस दौरान पात्र मतदाताओं के नाम कटने या सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतों को एकत्रित किया जाएगा, जिन्हें बाद में निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी

रविवार को स्थानीय स्तर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने इस पूरे अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के इस 'वोट बचाओ, देश बचाओ' आंदोलन को पूरी ताकत के साथ बूथ स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

पार्टी का मुख्य तर्क है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान सूची में जो भी बदलाव किए गए हैं, उनकी पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का यह भी प्रयास रहेगा कि किसी भी योग्य नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित न होना पड़े।

लाखों नाम हटने के आंकड़ों पर उठाए गए सवाल

कांग्रेस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता पंजीकृत थे। इसके बाद प्रारूप सूची में यह संख्या घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 पर आ गई थी।

वहीं, अंतिम सूची जारी होने पर कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 दर्ज की गई। इस पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए जाने के आंकड़ों पर पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।