शहर में नो-एंट्री के नियमों का उल्लंघन

दतिया जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लागू किए गए नो-एंट्री के नियमों को ताक पर रखकर एक रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर के भीतर आ गई। वाहन की रफ्तार काफी तेज थी, लेकिन मौके पर मौजूद यातायात पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत रोक लिया।

कलेक्टर के आदेशों के बाद भी जारी है प्रवेश

गौरतलब है कि इसी महीने जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे। आदेश के अनुसार, सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद खनन माफिया और भारी वाहन चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी जारी है।

पुलिस ने रिंग रोड से वाहन को थाने पहुंचाया

शुक्रवार की सुबह जब यह ओवरलोड ट्रैक्टर आनंद टॉकीज रोड पर पहुंचा, तो यातायात आरआई हिमांशु तिवारी ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर इसे घेर लिया। बाजार की भीड़भाड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने वाहन को रिंग रोड के रास्ते शहर से बाहर निकाला और सीधे यातायात थाने लाकर खड़ा कर दिया।

यातायात आरआई हिमांशु तिवारी ने जानकारी दी कि पकड़े गए सोनालिका ट्रैक्टर पर नो-एंट्री तोड़ने का चालान बनाया गया है। साथ ही, माइनिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा इस प्रकार के नियम तोड़ने वाले अब तक 7 ओवरलोड ट्रैक्टरों को पकड़ा जा चुका है।

ग्वालियर हादसे से ली गई है सीख

हाल ही में ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण हादसे में 14 लोगों की जान चली गई थी। दतिया का बाजार भी संकरा है और त्योहारी सीजन के चलते भारी भीड़ रहती है, ऐसे में भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।