ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में बिजली विभाग को बड़ा झटका देने वाले तार चोरी के मामले का स्थानीय पुलिस ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया पूरा माल और घटना में इस्तेमाल की गई ब्रेजा कार व मैगनेट बरामद कर ली गई है।

सीसीटीवी फुटेज से खुला वारदात का राज

बीती 23 सितंबर की रात शहर के शिव-पार्वती परिसर और झांसी विवाह वाटिका के पीछे स्थित एक खाली प्लॉट में 33 केवी हाईटेंशन लाइन के तार रखे हुए थे, जिन्हें शातिर चोर चुरा ले गए थे। इस संबंध में 26 सितंबर को थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच का दायरा बढ़ाया। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, जिसमें एक काली रंग की संदिग्ध कार घूमती हुई नजर आई। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाड़ी का रूट मैप तैयार किया और आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।

कबाड़ी को बेचे गए थे चोरी के तार

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर अमित पाठक उर्फ अक्कू, राजा यादव, संजू उर्फ संजीव पटवा और सुनील वर्मा को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान इन्होंने तार चोरी करने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने चोरी किए गए तार छल्लापुरा निवासी कबाड़ी विवेक अहिरवार को मात्र 34 हजार रुपए में बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने कबाड़ी विवेक अहिरवार और मुकुल जाटव को भी शिकंजे में ले लिया। पुलिस ने कबाड़ी के गोदाम से चोरी गए सभी तार बरामद कर लिए हैं और सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी

इस पूरी आपराधिक साजिश का मुख्य सूत्रधार या मास्टरमाइंड उनाव रोड निवासी संजीव पुरोहित को बताया जा रहा है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।