सेंवढ़ा बायपास की सूरत संवारने के लिए किए गए करोड़ों रुपए के कार्यों की पोल महज कुछ ही महीनों में खुल गई है। करीब दो करोड़ नौ लाख रुपए की लागत से बायपास के 2.60 किलोमीटर हिस्से का विशेष मरम्मत और बीटी रिन्यूअल कार्य कराया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह निर्माण कार्य इसी साल जनवरी तक पूरा हुआ था, लेकिन इतने कम समय में ही सड़क की स्थिति जर्जर होने लगी है।
गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल
मरम्मत कार्य पूरा होने के चंद महीनों बाद ही सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी है और कई जगहों पर सड़क नीचे धंस गई है। स्थिति यह है कि वाहन चालकों को समतल सड़क के बजाय ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए इन गड्ढों और धंसे हुए हिस्सों से निकलना खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
प्रमुख स्थानों पर खराब हुई सड़क
बायपास पर स्थित नए एसडीएम कार्यालय के सामने सड़क की हालत खासी खराब है, हालांकि अभी इस कार्यालय का उद्घाटन भी नहीं हुआ है। इसके अलावा नवीन 33 केवी बिजली सब स्टेशन के टावर के सामने और सायनी मोहल्ले की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी सड़क काफी नीचे धंस चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां से गुजरते समय वाहनों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव और जनता की मांग
बायपास के दोनों सिरों पर बने घुमाव दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। वाहन चालकों की गति नियंत्रित करने के लिए यहां स्पीड ब्रेकर या रबर स्टैंपिंग लगाए जाने की मांग की गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। साथ ही प्रवेश और निकासी द्वारों पर रिफ्लेक्टर व पर्याप्त सुरक्षा संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की गई थीं, जिन्हें भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुल्तान खां द्वारा प्रशासन व शासन स्तर पर भी उठाया गया था।
65 किलोमीटर मार्ग पर भी करोड़ों खर्च के बाद हाल बेहाल
सेंवढ़ा बायपास के अलावा दतिया-सेंवढ़ा मार्ग के करीब 65 किलोमीटर हिस्से पर भी तीन करोड़ सत्तर लाख रुपए से अधिक खर्च कर मेंटेनेंस कराया गया था। इसमें 15 किलोमीटर जर्जर सड़क का रिन्यूअल हुआ था, लेकिन इसके बावजूद कई जगह गड्ढे और कटाव नजर आ रहे हैं। सड़क के किनारे मिट्टी खोदकर भराव किए जाने से दोनों तरफ गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बारिश के दिनों में सड़क सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!