दतिया में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी के विशेष अवसरों पर देश भर से श्रद्धालु मां पीतांबरा और श्री धूमावती माई के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस दौरान होने वाली अत्यधिक भीड़ और सुगम यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और आवागमन का नया खाका तैयार किया है।
चार पहिया वाहनों के लिए बनाए गए अलग-अलग पार्किंग जोन
ग्वालियर, सेंवढ़ा और भांडेर की तरफ से आने वाली कारों और अन्य चार पहिया वाहनों को गल्ला मंडी परिसर में खड़ा कराया जाएगा। इन रूटों के वाहन असनई मार्ग से अस्पताल तिराहा, सेंवढ़ा चुंगी और सिविल लाइन तिराहा होते हुए गल्ला मंडी पहुंचेंगे। वहीं, सीधे ग्वालियर की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए पुराने केंद्रीय विद्यालय परिसर में भी गाड़ी पार्क करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जहां वाहन राजघाट कट के रास्ते पहुंचेंगे।
इसके अतिरिक्त, शिवपुरी, झांसी और उनाव की तरफ से दतिया आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन स्टेडियम ग्राउंड में पार्क होंगे। इन गाड़ियों के लिए पुरानी कलेक्ट्रेट के सामने से बुंदेला कॉलोनी होते हुए स्टेडियम तक जाने का मार्ग तय किया गया है।
दुपहिया और वीआईपी वाहनों की व्यवस्था
मंदिर आने वाले सभी प्रकार के दोपहिया वाहनों, जैसे मोटरसाइकिल और स्कूटी को खड़ा करने के लिए उत्तर गेट के पास पार्किंग स्थल बनाया गया है। आरक्षित वाहनों की व्यवस्था भी इसी स्थान पर रखी गई है। इसके अलावा, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और वीआईपी श्रेणी के वाहनों को मंदिर के बिल्कुल सामने तयशुदा स्थान पर पार्क किया जाएगा।
इन तीन दिनों तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
सप्तमी से नवमी तक यानी 17 से 19 अक्टूबर के बीच शहर के आंतरिक हिस्सों में भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का प्रवेश सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, भांडेर मार्ग से आने वाले भारी वाहनों के लिए सिविल लाइन तिराहे से बम-बम महादेव की ओर जाने वाला रास्ता भी इसी अवधि के दौरान बंद रहेगा।
यादगार और शांतिपूर्ण दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस ने आगंतुकों से आग्रह किया है कि वे शहर में प्रवेश करने से पहले इन नए रूटों और पार्किंग स्थलों की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!