दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने पार्टी के आलाकमान को पत्र लिखकर अपनी दावेदारी पेश की है और सीधे तौर पर टिकट की मांग की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भाजपा उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले तेरह वर्षों में यह पहला अवसर है जब दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव क्षेत्र में किसी भाजपा नेता ने खुलकर विधानसभा टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताई है। 2008 के बाद से यह स्थिति पहली बार बनी है, जो स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा
6 जुलाई को लिखे अपने पत्र में मुकेश मुड़ोतिया ने स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि जिस संभावित चेहरे को टिकट देने की चर्चा है, वह दतिया का स्थायी निवासी नहीं है। मुड़ोतिया ने आग्रह किया है कि इस बार किसी स्थानीय, सक्रिय और जमीनी कार्यकर्ता को अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा हो और जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए।
मुड़ोतिया ने अपने पत्र में अपनी चार दशक पुरानी पार्टी निष्ठा और सियासी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2000 से 2005 तक लगातार दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद पर सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में प्रवासी सह प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, जहां उन्होंने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में योगदान दिया। अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ मुड़ोतिया ने अपने सामाजिक कार्यों का विवरण भी पार्टी नेतृत्व को भेजा है।
पार्टी उपाध्यक्ष का दृष्टिकोण
मुकेश मुड़ोतिया की इस दावेदारी पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने दल में टिकट मांगने का अधिकार है। रावत ने स्पष्ट किया कि पार्टी का उच्च नेतृत्व गुण-दोष और जीत की संभावनाओं के आधार पर ही अंतिम निर्णय लेता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रत्येक राजनीतिक दल ऐसे ही प्रत्याशी को मैदान में उतारता है, जिसके जीतने की प्रबल संभावना हो। रावत ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को एक मजबूत दावेदार बताते हुए उनकी जीत की पूरी संभावना व्यक्त की।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक सफर
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मूल रूप से डबरा के निवासी हैं। उन्होंने 1990, 1998 और 2003 में डबरा सीट से तीन बार चुनाव जीता था। 2008 में डबरा सीट आरक्षित होने के बाद, डॉ. मिश्रा ने दतिया से चुनाव लड़ा और 2008, 2013 और 2018 में लगातार तीन बार जीत हासिल की। हालांकि, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। दतिया उपचुनाव के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन पत्र खरीद लिया है।
इस बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने दतिया उपचुनाव को लेकर अपनी पार्टी के रुख पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि कांग्रेस पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बना सकती है, और वे उस प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करेंगे।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!