ग्वालियर-चंबल संभाग के दतिया जिले के दुरसड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदाई गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मारपीट के एक मामले में न्याय की आस लगाए बैठे 60 वर्षीय बुजुर्ग फरियादी ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार की शाम को पीड़ित लक्ष्मण परिहार अपने परिवार के सदस्यों और तमाम ग्रामीणों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई।

दीपक रखने की बात पर शुरू हुआ था पूरा विवाद

पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती आवेदन में यह बताया गया है कि यह पूरा घटनाक्रम 15 अक्टूबर का है। लक्ष्मण परिहार अपनी पत्नी गीता के साथ घर के सामने बने कारस देव के चबूतरे पर दीया जलाने के लिए पहुंचे थे। इसी बात पर गांव के ही रहने वाले सुमित दांगी और राममिलन दांगी ने उस स्थान को अपना निजी चबूतरा बताते हुए दीपक रखने का कड़ा विरोध किया।

विरोध करने पर बात काफी बढ़ गई और दोनों ने मिलकर लक्ष्मण के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि कुछ ही देर में लोकेंद्र दांगी और जसरथ दांगी भी मौके पर आ धमके और उन्होंने भी बुजुर्ग के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब लक्ष्मण की पत्नी बीच-बचाव करने के लिए आगे आई, तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की, जिससे वे नीचे गिरकर घायल हो गईं। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।

घर की तलाशी लेकर झूठे केस में जेल भेजने की धमकी

घटना के तुरंत बाद पीड़ित बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ मामला तो दर्ज करवा दिया था, लेकिन इसके बाद मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गईं। फरियादी का आरोप है कि 18 अक्टूबर को कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और वहां की तलाशी ली।

आरोप है कि तलाशी लेने आए पुलिसकर्मियों ने लक्ष्मण के बेटे करन परिहार पर दबाव बनाया कि वह सुमित दांगी के साथ हर हाल में राजीनामा कर ले। पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि समझौता नहीं किया गया, तो घर में अवैध शराब रखवाकर पिता और पुत्र को किसी झूठे मामले में जेल भेज दिया जाएगा।

एसपी कार्यालय में लगाई गुहार, सुरक्षा की मांग

बुजुर्ग फरियादी ने एसपी को दिए गए आवेदन में खुद को अनुसूचित जाति का एक गरीब नागरिक बताया है और अपने पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पुलिसर्किमयों तथा आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएं।

इस संबंध में फिलहाल पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित पक्ष को उचित कार्रवाई का आश्वासन जरूर मिला है।