ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में स्थित विख्यात शक्तिपीठ श्री पीतांबरा पीठ परिसर में शनिवार देर रात एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। यहां माता के दर्शन के दौरान हुए विवाद के तुरंत बाद एक पुराने सेवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

आरती के बाद हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, मृतक बंटू मिश्रा मंदिर के पुराने सेवकों में शामिल थे। शनिवार की रात वह अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने पहुंचे थे। रात की आरती संपन्न होने के बाद जब उनका परिवार दर्शन के लिए आगे बढ़ा, तो मंदिर के सहायक प्रबंधक से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई।

बताया जा रहा है कि यह तीखी बहस धूमावती माई के अभिषेक के दौरान हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद काफी बढ़ गया था, जिससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

इस तनावपूर्ण बहस के तुरंत बाद बंटू मिश्रा की सेहत अचानक लड़खड़ा गई। उन्हें सीने में तेज पीड़ा महसूस हुई और वे मंदिर परिसर में ही अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में परिजन और वहां मौजूद लोग उन्हें मंदिर के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए।

प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत झांसी रेफर कर दिया। हालांकि, झांसी पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ट्रस्ट ने दिए जांच के आदेश

इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर और मंदिर परिसर में सनसनी फैल गई है। मृतक पक्ष की ओर से सहायक प्रबंधक पर बहस करने और विवाद को तूल देने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि आरोपी प्रबंधक की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीतांबरा पीठ के ट्रस्टी डीएस चंदेल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और इसके लिए एक विशेष अनुशासनात्मक समिति का गठन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी मिलेगा, उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।