दतिया जिले के भगुवापुरा थाने में शासकीय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

किन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई

निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में तत्कालीन लांच थाना प्रभारी उप निरीक्षक शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह शामिल हैं। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने थाने में रखे रिकॉर्ड में फेरबदल किया था।

घर से उठाकर जुए के मामले में फंसाने की शिकायत

यह पूरा विवाद पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान की शिकायत से शुरू हुआ था। उनका आरोप था कि पुलिस ने उन्हें जुए के फड़ से नहीं पकड़ा था, बल्कि उनके घर से उठाया था और बाद में जुए के मामले में आरोपी बना दिया।

इस कार्रवाई से नाराज होकर उन्होंने चंबल डीआईजी सुनील कुमार जैन के समक्ष मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।

डीआईजी की जांच में सामने आई गड़बड़ी

शिकायत की सत्यता की जांच करने के लिए डीआईजी खुद बस्तूरी गांव पहुंचे थे। वहां करीब दो घंटे चली जांच के दौरान उन्होंने लगभग एक दर्जन स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए, जिससे पुलिस की संदेहास्पद कार्रवाई खुलकर सामने आ गई।

जांच में यह बात सामने आई कि 12 सितंबर की रात भगुवापुरा थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में उप निरीक्षक शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह थाने आए थे और उन्होंने ग्राम अपराध पुस्तिका के पन्नों में बदलाव किए थे।

एसपी ने की निलंबन की कार्रवाई

ग्राम अपराध पुस्तिका और रोजनामचे की एंट्री की गहराई से पड़ताल करने पर लिखावट में अंतर और छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।