ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में राजनीतिक सरगर्मी उस समय तेज हो गई जब एक स्थानीय कार्यक्रम के दौरान पूर्व टीआई शेर सिंह बड़ोनिया ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। यह राजनीतिक घटनाक्रम नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह और कांग्रेस प्रदेश महासचिव अवधेश नायक के अभिनंदन के लिए आयोजित एक सार्वजनिक समारोह के दौरान सामने आया।
स्वाभिमान की लड़ाई मानकर राजनीति में उतरे
मंच से अपने संबोधन के दौरान पूर्व पुलिस अधिकारी ने विभाग में सेवा के अपने दिनों और बर्खास्तगी की पूरी घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें महज 25 मिनट के भीतर शासकीय सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बड़ोनिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को सिर्फ नौकरी जाने का मामला नहीं समझा, बल्कि अपने व्यक्तिगत स्वाभिमान की लड़ाई माना और इसी वजह से उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में बड़ोनिया ने विधायक घनश्याम सिंह और अवधेश नायक का माला पहनाकर स्वागत किया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने भी उनका पार्टी में औपचारिक रूप से स्वागत किया। अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मान-सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करना चाहिए तथा दोस्ती और संघर्ष दोनों पूरी ईमानदारी से निभाने चाहिए। इस मुश्किल दौर में उन्होंने अपनी पत्नी रचना सिंह का भी आभार जताया जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
स्थानीय व्यवस्था और कोतवाली के माहौल पर जताई पीड़ा
वर्ष 1996 से दतिया से जुड़े होने का हवाला देते हुए पूर्व टीआई ने कहा कि तब और अब के हालात में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है। स्थानीय कोतवाली थाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां का वर्तमान माहौल देखकर उनका मन व्यथित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 के बाद से क्षेत्र में ऐसा राजनीतिक माहौल गढ़ा गया जिससे आपसी रिश्ते प्रभावित हुए।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब चुनावी परिणामों के बाद परिणामों में बदलाव आया और नाम के आगे 'पूर्व' जुड़ा, तो स्थानीय जनता के साथ-साथ उन्हें भी बेहद प्रसन्नता हुई। उन्होंने विधायक घनश्याम सिंह की जीत को जनता के संघर्ष का परिणाम बताया और सभी मतदाताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का बैनर भी रहा चर्चा का केंद्र
जनता ने वोट की चोट से क्षेत्र में बदलाव की नींव रख दी है, और यह सफर आगे भी जारी रहेगा।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच इस आयोजन में लगा एक बैनर भी शहरभर में चर्चा का विषय बना रहा। इस मंच पर लगाए गए स्वागत बैनर पर राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के कई बड़े नेताओं की तस्वीरें तो प्रमुखता से स्थान पा चुकी थीं, लेकिन उसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का फोटो न होना स्थानीय राजनीतिक गलियारों में बहस का बिंदु बन गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!