दतिया जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड अन्य लोगों को बेचने के आरोप में दो युवकों के खिलाफ औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

एनसीआरपी की सात शिकायतों से हुआ खुलासा

साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल की ओर से दतिया जिले से जुड़ी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की सात शिकायतों का डेटा स्थानीय पुलिस को भेजा गया था। इन मामलों में उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों की तकनीकी और मैदानी जांच के दौरान इंदरगढ़ इलाके के सिम धारकों व विक्रेताओं से गहन पूछताछ की गई।

एक-एक हजार रुपए में बेची गईं सिम

पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई कि आरोपी पुष्पेंद्र जाटव ने रामबिहारी कुशवाह, अंकित साहू, अरविंद कुशवाह, चंदन जाट और शिवम कुशवाह से सिम कार्ड हासिल किए थे। इसके बाद उसने यह सिम दतिया निवासी विकास अहिरवार को एक हजार रुपए में बेच दी। इसी प्रकार, दूसरे आरोपी दीपक कुशवाह ने भी अपनी सिम तलैयापुरा निवासी सुमित कुशवाह को एक हजार रुपए में देने की बात स्वीकार की।

सिम विक्रेताओं के दस्तावेजों की भी जांच

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने सिम बेचने वाले दुकानदारों से भी पूछताछ की। विक्रेताओं ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने नियमानुसार दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही सिम जारी की थी। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पुलिस ने दोनों सिम धारकों को इस कृत्य में आरोपी बनाया है।

इंदरगढ़ थाना प्रभारी गौरव शर्मा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि ठगी के इस नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।