दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर, आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले से नरोत्तम मिश्रा के समर्थक खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

समर्थकों का प्रदर्शन और हाईवे जाम

टिकट कटने से नाराज समर्थकों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जमा हो गए और उन्होंने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने भी सड़क पर लेटकर विरोध जताया और आशुतोष तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दुकानें बंद कराने की भी कोशिश की, जिससे बाजार में भी तनाव का माहौल रहा।

प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगवा दीं, जिससे करीब दो किलोमीटर तक यातायात ठप हो गया। सिंध नदी पुल के पास लगा जाम डबरा तक पहुंच गया। सैकड़ों की संख्या में ट्रक, बसें और कारें जाम में फंस गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रक चालकों ने बताया कि उन्हें जाम के कारण का पता नहीं चल पा रहा था।

प्रशासन और पुलिस की मशक्कत

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। एडिशनल एसपी मंजीत सिंह चावला ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 6 जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें लगभग 150 लोग शामिल हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल की मांग की गई है। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से समन्वय बनाकर स्थिति को सामान्य करने में जुटी है।

प्रशासन ने शहर में मुनादी कराकर व्यापारियों से दुकानें खुली रखने और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बाजार बंद कराने को लेकर तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसे बाद में समझा-बुझाकर शांत कराया गया।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

इस बीच, गुना जिले की चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर इसे एक बड़े नेता की 'राजनीतिक हत्या' करार दिया। ममता मीना ने कहा कि जिस तरह अन्य वरिष्ठ नेताओं को किनारे किया गया, उसी तरह नरोत्तम मिश्रा के साथ भी हुआ है और अगर यही रवैया रहा तो पार्टी भविष्य में बंट सकती है।

गौरतलब है कि आशुतोष तिवारी इससे पहले 2023 में सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट मांग चुके हैं, लेकिन तब यह टिकट प्रदीप अग्रवाल को मिला था। तिवारी भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री और पूर्व में एम.पी. हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन (कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ) भी रह चुके हैं।

उपचुनाव के लिए अब तक 13 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जिनमें से 4 ने अपने फॉर्म जमा कर दिए हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक है, ऐसे में देखना होगा कि आगे की राजनीतिक चालें क्या होती हैं।