दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे, जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम निर्वाचन आयोग ने घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। मतों की गणना 3 अगस्त को होगी और 4 अगस्त तक पूरी निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी।
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा।चुनाव कार्यक्रम
- 6 जुलाई: अधिसूचना जारी
- 13 जुलाई: नामांकन की अंतिम तिथि
- 14 जुलाई: नामांकन पत्रों की जांच
- 16 जुलाई: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
- 30 जुलाई: मतदान
- 3 अगस्त: मतगणना
- 4 अगस्त: निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण

क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव?
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। वर्ष 1998 के सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी फर्जीवाड़ा मामले में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई थी।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) और सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर विधायक की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर विधानसभा सचिवालय ने 2 अप्रैल 2026 से उनकी सदस्यता समाप्त कर सीट रिक्त घोषित कर दी थी।

बीजेपी ने जीत का जताया भरोसा
उपचुनाव की घोषणा के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि दतिया सीट पर भारतीय जनता पार्टी की जीत तय है। हालांकि उन्होंने उम्मीदवार के नाम का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी जल्द ही आधिकारिक घोषणा करेगी।

चुनावी मुकाबला होगा दिलचस्प
बीजेपी की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस में टिकट को लेकर कई नेताओं के बीच दावेदारी जारी है। अयोग्य घोषित किए गए राजेंद्र भारती अपने बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं, जबकि अवधेश नायक और अन्य नेता भी दौड़ में शामिल हैं।
आजाद समाज पार्टी ने दामोदर यादव को उम्मीदवार बनाने के संकेत दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी मौजूदगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
जातीय समीकरण रहेंगे निर्णायक
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपचुनाव में विकास से अधिक जातीय वोट बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यादव, कुशवाहा और ब्राह्मण मतदाताओं का रुख चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाल सकता है। खासतौर पर आजाद समाज पार्टी के मैदान में आने से कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना जताई जा रही है।

पिछला चुनाव क्यों चर्चा में रहा?
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी के दिग्गज नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उस चुनाव में बीजेपी के भीतर की गुटबाजी, ओवर कॉन्फिडेंस और शहरी क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन हार के प्रमुख कारण रहे थे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!