अंचल में इस बार गणेश चतुर्थी और तीजा का पावन पर्व एक ही साथ पड़ रहा है, जिससे शहर में उत्सव का दोगुना माहौल है। सुबह से ही स्थानीय बाजारों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं खरीदने के लिए खरीदारों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु गोद में छोटे गणपति लेकर अपने घर जाते नजर आए, जबकि बड़ी प्रतिमाओं को वाहनों और ठेलों के जरिए विभिन्न पंडालों तक पहुंचाया गया।
बाजारों में रही रौनक, कई स्थानों पर दिखा जाम
खरीदारी के लिए सुबह से ही लोगों के पहुंचने के कारण बाजारों में खासी रौनक देखने को मिली। परिवारों ने अपनी आस्था के अनुसार छोटी और बड़ी प्रतिमाओं का चयन किया। वहीं, दुकानों के बाहर खरीदारी करने वालों की भीड़ और सड़कों पर वाहनों के अधिक दबाव के कारण कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और अस्थायी रूप से जाम की स्थिति भी बनी।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और शुभ मुहूर्त
पंडित कालका प्रसाद मुद्गल के अनुसार, पंचांगीय गणना के चलते इस बार तृतीया और चतुर्थी एक ही दिन आ रही हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के मुताबिक शुभ मुहूर्तों में घट स्थापना व भगवान गणेश की प्राण प्रतिष्ठा कर सकते हैं। इसके साथ ही कई परिवारों ने बाजार से मूर्ति खरीदने के बजाय घर पर ही मिट्टी से इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके और बच्चों को भी प्राचीन परंपराओं से जोड़ा जा सके।
90 से अधिक स्थानों पर सजे पंडाल, शाम से ग गूंजेंगे भजन
शहर के विभिन्न मोहल्लों और चौराहों पर इस बार 90 से ज्यादा जगहों पर भव्य गणेश पंडाल स्थापित किए गए हैं। अधिकांश पंडालों में सजावट का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर अंतिम तैयारियां चल रही हैं। शाम ढलते ही इन पंडालों में महाआरती, प्रसाद वितरण और रात के वक्त भजन-कीर्तन के कार्यक्रम शुरू होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!