दतिया जिले में आगामी उपचुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार निर्वाचन आयोग ने लोकतंत्र के महापर्व में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासन ने उनके लिए घर बैठे ही मतदान करने की विशेष व्यवस्था की है।

घर-घर पहुंचेगा मतदान दल

मुख्य मतदान 30 जुलाई को होना है, लेकिन इससे पहले ही इन विशेष मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्रशासन ने 22 और 23 जुलाई की तारीखें निर्धारित की हैं, जब विशेष रूप से गठित मतदान दल इन चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनका वोट डलवाएंगे। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी मतदाता अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण मताधिकार से वंचित न रहे।

86 मतदाताओं ने चुनी होम वोटिंग, 7 सेक्टर में बंटा क्षेत्र

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रशासन ने पहले ही आवेदन आमंत्रित किए थे। जिले के कुल 86 मतदाताओं ने घर से मतदान करने की इच्छा व्यक्त करते हुए फॉर्म भरे थे। इन सभी आवेदनों की जांच के बाद उन्हें मंजूरी दे दी गई है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे क्षेत्र को 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

निर्वाचन आयोग की यह पहल डिजिटल युग में मतदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह न केवल बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुविधा प्रदान करती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा देती है।