ग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने रविवार को कड़ा रुख अपनाया। शाम पांच बजे से लेकर रात दस बजे तक शहर के 12 प्रमुख चौराहों और नाकों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना हेलमेट, बिना दस्तावेजों के वाहन चलाने और दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने वाले लोगों की खासतौर पर जांच की गई।

अस्पताल और शौच का बहाना बनाकर घिरे युवक

जिला अस्पताल के पास टीआई विनीत तिवारी के नेतृत्व में वाहनों की जांच हो रही थी। इसी बीच एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर कुछ दूरी पर रुक गया और हाथ में पानी की बोतल लेकर टीआई के पास पहुंच गया। युवक ने अजीबोगरीब दलील देते हुए कहा कि अस्पताल में उसका मरीज भर्ती है और उसे तेज शौच लगी है, इसलिए बाइक साथ जाने दी जाए। जब पुलिस ने पूछा कि अस्पताल में क्या शौचालय नहीं है, तो उसकी बोलती बंद हो गई। पुलिस ने उसे बिना वाहन के पैदल जाने की हिदायत दी।

झांसी बाईपास पर पकड़ा गया तीन सवारियों वाला वाहन

इसी तरह झांसी बाईपास नाके पर पुलिस ने एक तेज रफ्तार बाइक को रोका जिस पर तीन युवक सवार थे। पकड़े जाने पर चालक ने सफाई दी कि उसकी चाची की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और डॉक्टर ने बुलाया है। हालांकि, जब पुलिस ने डॉक्टर का पर्चा और मरीज से जुड़ा विवरण मांगा तो युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जांच में बाइक का बीमा और लाइसेंस भी नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसका चालान काट दिया।

शहर के 12 संवेदनशील बिंदुओं पर रही पुलिस की तैनाती

यातायात पुलिस के अनुसार, यह चेकिंग अभियान शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर एक साथ चलाया गया। ग्वालियर-झांसी हाईवे ब्रिज के नीचे, झांसी बाईपास, असनई मार्ग, राजगढ़ चौराहा, सीता सागर के सामने, लाला का तालाब और किला चौक जैसे व्यस्त इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा।

इसके अलावा ठंडी सड़क, राजघाट तिराहा, सेंवढ़ा चुंगी, भांडेर रोड भेड़पुरा और उनाव रोड पर भी स्थानीय थाना प्रभारियों ने अपने दलों के साथ मुस्तैदी दिखाते हुए वाहनों की कागजात जांचे। पांच घंटे चले इस व्यापक अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने वाले कुल 90 चालकों पर कार्रवाई की गई।