राजघाट कॉलोनी में अनधिकृत कब्जों पर शिकंजा
दतिया जिले के स्थानीय प्रशासन ने सरकारी परिसरों के दुरुपयोग और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। राजघाट कॉलोनी स्थित सरकारी आवासों में लंबे समय से बिना अनुमति रह रहे पांच लोगों को तुरंत प्रभाव से जगह खाली करने के निर्देशदिए गए हैं। यह कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 की धारा 4(1) के अंतर्गत अमल में लाई गई है।
किन लोगों पर गिरी गाज
प्रशासन की ओर से जारी किए गए आदेश के दायरे में पांचों अवैध कब्जाधारी आ गए हैं। इनमें रानी देवी, राजू यादव, सुलक्षणा यादव, दिग्विराजा परमार और विजय झंडा गुरु के नाम शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ गत 17 अगस्त को अलग-अलग औपचारिक आदेश पारित किए गए थे, जिनमें राजघाट कॉलोनी के विभिन्न आवास आवंटित न होते हुए भी उन पर कब्जा जमाने की बात सामने आई थी।
जारी विवरण के मुताबिक, रानी देवी आवास क्रमांक आई-23, राजू यादव आई-11, सुलक्षणा यादव एनआई-31, दिग्विराजा परमार जी-08 और विजय झंडा गुरु एच-30 पर काबिज बताए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना अनुमति रह रहे इन लोगों को नोटिस तामिल कराकर यह सख्त निर्देश दिए हैं।
10 दिन की मोहलत, बल प्रयोग की चेतावनी
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधितों को आगामी 10 दिवस के भीतर हर हाल में सरकारी आवास खाली करने होंगे। यदि निर्धारित अवधि के भीतर परिसरों को खाली नहीं किया जाता है, तो प्रशासन बल का प्रयोग करते हुए जबरन बेदखली की कार्रवाई को अंजाम देगा। यह नियम इन लोगों के साथ रहने वाले परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पूरी तरह लागू होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कब्जाधारी आवास खाली करने से बचते हैं या सहयोग नहीं करते हैं, तो आदेश की प्रति को मौके पर चस्पा कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि, इन सभी मामलों में अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है, जिससे तय समय सीमा के बीच नियमानुसार पक्ष रखने का विकल्प भी खुला हुआ है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!