दतिया शहर में हाल ही में हुई बिजली के महंगे और भारी हाईटेंशन तार चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। शहर के झांसी विवाह वाटिका के पीछे स्थित एक खाली प्लॉट से पांच क्विंटल वजनी 33 केवी लाइन का तार चोरी हुआ था, जिसकी कुल कीमत करीब तीन लाख रुपए आंकी गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के हाथ लगी अहम सुराग
फरियादी राजेन्द्र बाबू त्रिपाठी ने 26 सितंबर को कोतवाली थाने में 23 सितंबर को हुई इस चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक काले रंग की संदिग्ध कार का आना-जाना रिकॉर्ड मिला। पुलिस ने वाहन के रूट मैप को ट्रैक करते हुए सीधे छल्लापुरा स्थित एक कबाड़े की दुकान पर दबिश दी।
कबाड़ी की पूछताछ से खुला चोरी का पूरा नेटवर्क
कोतवाली थाना प्रभारी इंचार्ज हेमा गौतम के अनुसार, जब पुलिस ने कबाड़ी विवेक पुत्र अनिल कुमार अहिरवार के गोदाम की तलाशी ली, तो वहां चोरी गया बिजली का तार बरामद हो गया। कबाड़ी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने यह माल मात्र 34 हजार रुपए में खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने कबाड़ी द्वारा बताए गए नाम के आधार पर अमित उर्फ अक्कू पाठक, राजा यादव, संजू उर्फ संजीव पटवा, सुनील वर्मा और मुकुल जाटव को धर दबोचा।
भिटौरा का पूर्व सरपंच निकला मास्टरमाइंड
पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरी वारदात का मुख्य सरगना भिटौरा का पूर्व सरपंच संजीव पुरोहित है। उसी की योजना और निर्देश पर अमित उर्फ अक्कू, राजा, संजू और सुनील ने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा तार, वारदात में इस्तेमाल की गई यूपी और एमपी नंबर की दो कारें भी जब्त कर ली हैं।
फिलहाल मुख्य आरोपी और भिटौरा का पूर्व सरपंच संजीव पुरोहित पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, फरार पूर्व सरपंच पर पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें गो तस्करी के प्रकरण सबसे अधिक बताए जा रहे हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!