दीपावली दौज मेले की रूपरेखा तैयार
दतिया जिले के ऐतिहासिक रतनगढ़ माता मंदिर में इस वर्ष 9 से 11 नवंबर तक दीपावली दौज के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ग्वालियर संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने गुरुवार शाम संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और तमाम पहुंच मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों को आगामी 31 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना बनाई है। मेले के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने के वास्ते विशेष बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। मेला क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और लाउडस्पीकर प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर विशेष महिला पुलिस दलों को तैनात किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखा जाएगा। मेला परिसर में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और लाइफ सेविंग ड्रग्स के साथ-साथ सर्पदंश जैसी घटनाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम इंजेक्शन उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही एसडीईआरएफ, दमकल वाहन, गोताखोर और अन्य बचाव दल भी पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात किए जाएंगे।
बुनियादी सुविधाओं और मार्गों के सुधार पर जोर
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीढ़ियों, यात्री शेड, किचन, सुलभ शौचालय और पार्किंग से जुड़े सभी अधूरे कामों को जल्द से जल्द पूरा करें। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल टंकियों, पाइपलाइन, प्रकाश व्यवस्था और अस्थायी शौचालयों का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। मंदिर तक आने वाले प्रमुख रास्तों और मेड़पुरा-खमरौली मार्ग पर बने गड्ढों को भरकर यातायात सुगम बनाने को कहा गया है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 31 अक्टूबर के बाद मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। रास्ते को पूरी तरह बाधा मुक्त रखने के लिए सारी निर्माण सामग्री समय रहते हटा ली जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दुकानों पर बिकने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता और स्वच्छता की लगातार जांच की जाएगी, तथा अवैध दुकानों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया गया है।
प्रशासन ने इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक नई पहल की है। मेले के प्रवेश और निकास द्वारों समेत प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से श्रद्धालु व्यवस्थाओं पर अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधार किए जा सकें।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!