बारिश के बाद बिगड़े हालात, प्रशासन हुआ सक्रिय

दतिया जिले में हाल ही में हुई बारिश के कारण शहर के कई निचले और संवेदनशील हिस्सों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमला मैदानी स्तर पर उतरा।

एसडीएम ने किया जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण

गुरुवार को एसडीएम सोनाली राजपूत ने लाला का ताल, रिछरा फाटक, किला चौक और अमन कॉलोनी समेत जलभराव से प्रभावित अन्य प्रमुख इलाकों का स्थलीय मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पानी की निकासी तुरंत और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय रहवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए जल निकासी के पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं और सभी आवश्यक संसाधन तुरंत तैनात किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम के साथ तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी यानी सीएमओ और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई के उपायों पर चर्चा की।

जिले में अब तक दर्ज हुई बारिश और मौसम का हाल

कलेक्ट्रेट से प्राप्त दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में औसतन 23 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसमें सबसे अधिक 32 मिमी वर्षा सेवढ़ा तहसील में दर्ज हुई, जबकि दतिया और भांडेर में 25-25 मिमी तथा इंदरगढ़ में 10 मिमी बारिश मापी गई।

एक जून से अब तक जिले में औसत 241.85 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 427.45 मिमी कम है। हालांकि, आसमान में छाए बादलों और मौसम विभाग की चेतावनी के चलते अगले चौबीस घंटों के दौरान जिले में मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई है।