चुनावी शपथ पत्र को लेकर हाईकोर्ट में याचिका
दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। हाल ही में हुए उपचुनाव के बाद कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ चुनावी शपथ पत्र में कथित तौर पर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
1991 के चक्काजाम और FIR से जुड़ा है मामला
याचिकाकर्ता और भाजपा नेता द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव के दौरान अपने हलफनामे में दो आपराधिक मुकदमों का जिक्र तो किया, लेकिन वर्ष 1991 में दर्ज एक अन्य एफआईआर की जानकारी छिपा ली। बताया जा रहा है कि यह मामला पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए प्रदर्शन और चक्काजाम से संबंधित है, जिसमें करीब 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से पराजित किया था। इस चुनाव में घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी तिवारी को 60,741 वोट हासिल हुए थे।
विधायक घनश्याम सिंह की प्रतिक्रिया
मैं पिछले 40-45 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हूं और इस दौरान कई जनहित के आंदोलन किए हैं। यदि उस समय कोई मामला पुलिस ने दर्ज किया हो और वह मेरे संज्ञान में न आया हो, तो मुझे इसकी जानकारी नहीं थी।
विधायक ने आगे स्पष्ट किया कि उनके मुताबिक इस पुराने मामले को चुनावी हलफनामे में दर्शाना आवश्यक नहीं था, क्योंकि यह मामला न्यायालय में चालान पेश होने और विचाराधीन श्रेणी में नहीं आता था। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी हाईकोर्ट में दायर याचिका की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है, पूरी जानकारी मिलने के बाद इस पर विधिवत जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!