दतिया जिले के राजस्व और पुलिस महकमे के अमले ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजघाट कॉलोनी स्थित जल संसाधन विभाग के सरकारी आवासों को अवैध कब्जों से मुक्त करवा लिया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व तहसीलदार अजय झा द्वारा किया गया, जिनकी देखरेख में स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

ताकीद के बावजूद नहीं छोड़े गए थे मकान

यह सरकारी आवास मूल रूप से जल संसाधन विभाग के कर्मियों के रहने के लिए आवंटित किए जाते हैं। हालांकि, काफी समय से यहां कुछ बाहरी लोग गैरकानूनी तरीके से काबिज हो गए थे। जिला प्रशासन और विभाग की तरफ से इन सभी को पहले ही नोटिस जारी कर समय सीमा के भीतर घर खाली करने के सख्त निर्देश दिए गए थे, साथ ही ऐसा न करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

सामान बाहर कर मकानों को लिया नियंत्रण में

प्रशासन द्वारा दी गई मोहलत समाप्त होने के बाद भी जब आवासों को खाली नहीं किया गया, तब गुरुवार को महकमे ने यह कदम उठाया। टीम ने राजघाट कॉलोनी पहुंचकर लगभग 18 आवासों में रह रहे लोगों का सामान बाहर रखवाया और सभी भवनों को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान अभी थमा नहीं है और आगे भी चलेगा।

तहसीलदार अजय झा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन भवनों पर बाहरी लोगों के अवैध रूप से रहने के कारण असल विभागीय कर्मचारियों को रहने के लिए आवास प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए नियमों के तहत यह विधिवत कार्रवाई की गई है।

सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगी मुहिम

प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि कार्रवाई के दौरान इलाके में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां कुछ स्थानीय नागरिकों ने इस कदम की सराहना की। प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी भवनों और जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।