दतिया शहर की राजघाट कॉलोनी में लंबे समय से अवैध रूप से शासकीय आवासों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ प्रशासनिक अमले ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। एसडीएम न्यायालय के बेदखली आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए तहसील, पुलिस और नगर पालिका के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने कॉलोनी में धावा बोला और कुल 13 क्वार्टरों को चिह्नित कर खाली कराने की कार्रवाई को अंजाम दिया।

समय सीमा के भीतर खुद खाली किए कुछ मकान, ताले भी टूटे

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को अपने क्वार्टर खाली करने के लिए दो घंटे का मोहलत दी। इस निर्देश के बाद कुछ कब्जाधारियों ने खुद ही अपना सामान समेटकर मकान खाली कर दिए। वहीं, जिन आवासों पर ताले लटके मिले थे, प्रशासन ने उनके ताले तुड़वाकर अंदर रखे सामान को बाहर निकलवाया। एक क्वार्टर पूरी तरह खाली मिला जबकि अन्य में सामान रखा पाया गया जिसे टीम ने सुरक्षित बाहर किया।

भाजपा नेत्री से हुई नोंकझोंक और कब्जेदारों की सूची

इस बेदखली अभियान के दौरान क्वार्टर नंबर G-24 को लेकर पूर्व जनपद सदस्य व भाजपा नेत्री क्रांति राय और प्रशासनिक अमले के बीच हल्की नोंकझोंक भी देखने को मिली, जिसका वीडियो सामने आया है। हालांकि टीम ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और अदालती आदेश के तहत हो रही है। रिकॉर्ड के अनुसार, जिन 13 आवासों पर कार्रवाई की गई उनमें बंटी रायकवार, हेमुराजा कर्ण, प्रभा राजपूत, क्रांति राय, मुकेश यादव, अनूप यादव, मोनू भार्गव, कन्हई यादव, इंद्रा चौहान और राहुल रायकवार के नाम शामिल हैं।

पात्र कर्मचारियों के लिए जरूरी है शासकीय आवासों को मुक्त कराना

प्रशासन के मुताबिक, शुरुआती चरण में कुल 15 शासकीय आवासों को खाली कराए जाने की सूची तैयार की गई थी, जिनमें से दो क्वार्टर पहले ही खाली हो चुके थे। मंगलवार को शेष 13 आवासों को पूरी तरह से कब्जे से मुक्त कराया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल के साथ नगर पालिका का मदाखलत अमला भी मुस्तैद रहा ताकि सरकारी संपत्तियों को अनधिकृत कब्जों से मुक्त कर पात्र अधिकारियों व कर्मचारियों को आवंटित किया जा सके।