अंचल में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय हुई दतिया पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हाल ही में सामने आई दो अलग-अलग चोरियों की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को शिकंजे में लिया है और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है।

महज 12 घंटे के भीतर हुई शत-प्रतिशत रिकवरी

पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने एक प्रेसवार्ता के दौरान इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पहली घटना 1 अक्टूबर को सामने आई थी, जहां चोरों ने नकदी और सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। इस मामले में कुल चोरी गया माल लगभग 22 लाख रुपये का था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी आकांक्षा जैन के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान एक संदिग्ध अपचारी बालक से पूछताछ की गई, जिसके खुलासे के बाद कड़ियां जुड़ती चली गईं और पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंच गई।

जंगल से बरामद किए गए सोने के जेवरात और नकदी

अपचारी बालक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रिंकेश प्रजापति से पूछताछ की, जिसने चोरी का सामान अपने मामा राम सिंह को सौंपने की बात कबूली। इसके बाद पुलिस ने जैतपुर गांव के जंगलों से सोने के आभूषण और राम सिंह के कब्जे से नकदी सफलतापूर्वक बरामद कर ली।

एसपी खंडेलवाल ने जानकारी दी कि इस मामले में 8.60 लाख रुपये नकद और करीब 13.60 लाख रुपये के सोने के जेवरात सहित कुल 22.20 लाख रुपये का शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है। इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये के नकद इनाम देने की घोषणा भी की गई है।

मोबाइल दुकान में चोरी करने वाले आरोपी से फोन जब्त

दूसरी बड़ी कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई, जहाँ 12 और 13 अगस्त की दरम्यानी रात को एक मोबाइल दुकान से 42 नए फोन चोरी हो गए थे। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई थी।

तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने निचरौली निवासी संजू पाल को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 2 अक्टूबर को उसके घर से चोरी हुए 30 मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले में बीएनएस की धारा 317(2) व 317(5) भी बढ़ाई गई है।