डबरा के स्थानीय निवासियों और कलाकारों से जुड़े एक चर्चित मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप की मांग तेज होने लगी है। इसी क्रम में डबरा शहर विकास संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग एकजुट हुए। समिति के सदस्यों ने डबरा क्षेत्र में एक जुलूस निकालकर विरोध और अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

रैली के समापन के बाद समिति के प्रतिनिधिमंडल ने डबरा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय एसडीएम को संबोधित करते हुए मांगें रखी गईं। समिति का मुख्य जोर इस बात पर था कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराई जानी चाहिए।

समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले हर एक तथ्य की बारीकी से समीक्षा होनी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही कि इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।

न्याय और रिहाई की उठाई गई मांग

ज्ञापन के माध्यम से समिति ने सौरव गुर्जर को न्याय दिलाए जाने और उनकी रिहाई की पुरजोर मांग की है। वक्ताओं का कहना था कि कानून के दायरे में रहते हुए ही सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि फिल्म अभिनेता और प्रसिद्ध डब्लूडब्ल्यूई रेसलर सौरव गुर्जर को एक महिला की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के सिलसिले में मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। इसके तुरंत बाद उन्हें हैदराबाद ले जाया गया, जहां उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इस मामले से जुड़े तमाम आरोप अभी जांच के दायरे में हैं।

प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई का आग्रह

डबरा विकास संघर्ष समिति के महेंद्र सिंह चिंटू तोमर और रूपेश केन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाया जाए। साथ ही, कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।