डबरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिछोर थाने की पुलिस ने स्कूली बच्चों से भरी बस के चालक पर जानलेवा फायरिंग करने के प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे चौथे आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी जब्त कर लिए हैं।

क्या था पूरा मामला और कब हुई थी घटना

यह सनसनीखेज घटना बीते 12 सितंबर को सामने आई थी। टेकनपुर स्थित ग्लेशियर पब्लिक स्कूल की एक बस विद्यार्थियों को लेकर सुबह के वक्त रवाना हुई थी, जिसे चालक खेम सिंह चला रहे थे। करीब सुबह 7 बजे जब यह बस बड़ी अकबई गांव के पास पहुंची, तो वहां एक बिना नंबर की स्विफ्ट कार संदिग्ध हालत में खड़ी हुई थी।

कार सवार ने पेट्रोल खत्म होने का नाटक कर बस ड्राइवर को अपने पास बुलाया और अचानक अवैध हथियार से उन पर फायर झोंक दिया। राहत की बात यह रही कि इस गंभीर हमले के दौरान बस के भीतर कुल 55 मासूम बच्चे सवार थे, जिन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और टीमों का गठन

वारदात की सूचना मिलते ही पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत पुलिस बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे और घायल ड्राइवर को फौरी इलाज के बाद ग्वालियर अस्पताल रेफर किया गया। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया।

पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगभग 10 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया था। तकनीकी सर्विलांस और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान भीमा यादव, अभिषेक यादव, शुभम यादव और राहुल यादव के रूप में की थी।

मामा के घर छिपा था आरोपी, उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया

घटना के दिन ही पुलिस ने ग्वालियर के चंद्रबदनी नाका इलाके से तीन आरोपियों भीमा, अभिषेक और शुभम को दबोच लिया था। हालांकि, उटीला थाना क्षेत्र के बंधोली गांव का रहने वाला चौथा आरोपी राहुल यादव तब से फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था।

पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत ने बताया कि साइबर सेल और तकनीकी मदद से राहुल की लोकेशन उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद थाना अंतर्गत ऊबटी गांव में उसके मामा के यहां ट्रेस की गई। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे वहां से धर दबोचा और डबरा ले आई। आरोपी के कब्जे से 32 बोर की देसी पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस बरामद कर उसे अदालत में पेश कर दिया गया है।