ग्वालियर जिले के डबरा नगर पालिका कार्यालय में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब पीआईसी की बैठक चल रही थी। पिछले 19 दिनों से नगर पालिका के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अचानक कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी।
बैठक के दौरान अंदर फंसे सीएमओ और पार्षद
नगर पालिका में मंगलवार को पीआईसी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें भाग लेने के लिए अध्यक्ष लक्ष्मी देवी राजा, सीएमओ साक्षी वाजपेई और तमाम महिला-पुरुष पार्षद पहुंचे थे। तालाबंदी के दौरान सीएमओ और कई पार्षद अंदर ही फंस गए। इस बीच प्रदर्शनकारियों द्वारा एक बीमार गोवंश को भी सीएमओ के चेंबर में घुसाए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है।
थाने के बाहर दिया गया चार घंटे तक धरना
तालाबंदी की घटना के बाद नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ, सभी पार्षद और कर्मचारी सीधे सिटी थाने पहुंचे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लिखित आवेदन दिया। जब तुरंत कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आक्रोशित पार्षद थाने के गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ पार्षदों ने थाने के भीतर झाड़ू लगाकर भी अपना विरोध जताया।
एडिशनल एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई एफआईआर
यह पूरा विरोध प्रदर्शन चार घंटे से अधिक समय तक चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर से एडिशनल एसपी जयराज कुबेर डबरा पहुंचे और धरने पर बैठे पार्षदों से बातचीत की। उनकी समझाइश और आश्वासन के बाद सीएमओ साक्षी वाजपेई की लिखित शिकायत पर पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया।
सीएमओ साक्षी वाजपेई ने बताया कि पीआईसी बैठक के दौरान कुछ लोगों ने बाहर से ताला लगाकर प्रशासनिक कामकाज में बाधा पहुंचाई। प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते एफआईआर दर्ज होने में कुछ समय जरूर लगा, लेकिन पुलिस ने अब नौ नामजद लोगों पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पिछले चार वर्षों से आपसी गुटबाजी में बंटी डबरा नगर पालिका के सभी पार्षद और कर्मचारी एकजुट होकर साथ नजर आए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!