डबरा शहर में पिछले नौ दिनों से चल रहे शक्ति की आराधना का पर्व नवदुर्गा महोत्सव विजयादशमी के पावन पर्व के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं को विदाई दी गई, जिसमें वार्ड नंबर 19 स्थित मीट मार्केट प्रांगण में विराजित मां काली की विशाल प्रतिमा का विसर्जन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

भव्य आरती और छप्पन भोग का आयोजन

विसर्जन यात्रा से पहले पंडाल में महामाई की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भव्य आरती के बाद मां को छप्पन भोग अर्पित किया गया। माता की एक झलक पाने और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु सड़कों पर एकत्र हो गए थे, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय नजर आया।

कंधों पर उठाकर निकाली गई यात्रा

पुरानी परंपरा का पालन करते हुए दोपहर ठीक 2:20 बजे भक्तों ने मां काली की भारी-भरकम प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया। गगनभेदी जयकारों के बीच यह विसर्जन यात्रा शुरू हुई जो पंडाल से चलकर भगत सिंह चौराहा पहुंची। इसके बाद ओवरब्रिज से होते हुए प्रतिमा को परशुराम चौक लाया गया।

श्रद्धालुओं की आस्था का आलम यह था कि वे परशुराम चौक से लेकर बल्ला का डेरा तक माता की प्रतिमा को लगातार अपने कंधों पर ही लेकर चले। इस दौरान युवाओं की टोलियां महामाई के जयकारे लगाते हुए जुलूस के आगे और पीछे उत्साह के साथ चलती दिखाई दीं।

सिंध नदी तट पर विधि-विधान से विसर्जन

बल्ला का डेरा पहुंचने के बाद मां काली की प्रतिमा को एक सुरक्षित ट्रॉली में विराजमान किया गया, जिसके माध्यम से यात्रा आगे बढ़ी। ट्रॉली से माता की यह भव्य सवारी सिंध नदी के घाट पर पहुंची। घाट पर पंडितों और मुख्य यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा संपन्न कराई।

इसके पश्चात पूर्ण विधि-विधान और नम आंखों के साथ महामाई को सिंध नदी की जलधारा में विसर्जित कर दिया गया। भक्तों ने अगले वर्ष फिर से आने की कामना के साथ माता को अश्रुपूर्ण विदाई दी।

पुलिस प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद

विशाल जनसमूह और सुरक्षा की दृष्टि से डबरा पुलिस प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। विसर्जन यात्रा के दौरान कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीओपी सौरभ कुमार, शहर थाना प्रभारी संजय शर्मा और देहात थाना प्रभारी मिर्जा आसिफ बैग भारी पुलिस बल के साथ डटे रहे। अधिकारियों की यह टीम यात्रा की शुरुआत से लेकर विसर्जन स्थल तक भीड़ को नियंत्रित करते हुए साथ चली।