डबरा शहर में नगर पालिका पार्षदों पर हुई बाउंडओवर की कार्रवाई का असर अब नगरीय व्यवस्थाओं पर साफ दिखने लगा है। इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सफाई कर्मचारियों ने पूरी तरह से काम बंद रखा, जिसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई।

थाने में रातभर चला था विरोध प्रदर्शन

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे सहित कुल छह पार्षदों के खिलाफ डबरा थाने में बाउंडओवर की कार्रवाई की गई। इस कदम से आक्रोशित पार्षद मंगलवार की रात करीब एक बजे तक थाने में ही धरने पर बैठे रहे।

देर रात पूर्व मंत्री इमरती देवी के थाने पहुंचने और उनकी समझाइश के बाद पार्षदों ने अपना धरना समाप्त किया था। साथ ही, इस मामले में पुलिस अधीक्षक के डबरा दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर अपनी बात रखने का निर्णय लिया गया था।

प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में पसरी गंदगी

कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण बुधवार को न तो गलियों में झाड़ू लगी और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां अपने निर्धारित रूट पर निकलीं। इसका परिणाम यह हुआ कि ओवरब्रिज के नीचे, सराफा बाजार, कमलेश्वर कॉलोनी, लक्ष्मी कॉलोनी और ऊषा कॉलोनी समेत लगभग एक दर्जन स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए।

प्रशासन का पक्ष और सीएमओ का बयान

इस पूरे मामले पर नगर पालिका की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) साक्षी बाजपेई का कहना है कि बुधवार की सुबह निर्धारित समय पर साफ-सफाई कराई गई थी। हालांकि, वह खुद एक बैठक के सिलसिले में ग्वालियर गई हुई थीं।

सीएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि वे वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी जुटा रही हैं। यदि शहर में अभी भी कहीं कचरे के ढेर या गंदगी मौजूद है, तो उसे आज ही प्राथमिकता के आधार पर साफ करवाया जाएगा।